मेरा नन्हा रूम पार्टनर: किस्से एक कहानी के

दिनेश! हाँ शायद उसका नाम दिनेश ही था | वह पिछले दो महीने से इस कमरे में रह रहा था | उसे लगता था कि वह इस किराए के कमरे पर अकेले ही रहता है, …

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पहाड़ के काम की जवानी : बिट्टू की कहानी

पहाड़ का जीवन पहाड़ की ही तरह बड़ा कठिन होता है | जब भी कोई दिल्ली-मुंबई से पहाड़ घूमने आता है तो इस बात का अंदाजा उन्हें पहाड़ की सडको पर धक्के खाते हुए हो …

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ओ से ओखली : उर्ख्याली (ओखली)

“पा…….पा! पा…पा !” जूली रोते-रोते चिल्लाई | पास में पापा फ़ोन पर बात कर रहे थे | संदीप की नजर जोर से रो रही अपनी बेटी पर पड़ी जिसने अपनी रोने की आवाज से पूरा …

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october

अक्टूबर : खत्म नहीं ,अभी शुरू हुआ है |

अक्टूबर! खत्म होने वाला है | लेकिन जो ये अपने साथ लेकर आया है, वह नहीं | हर साल जब भी अक्टूबर आता है, अपने साथ दशहरा-दिवाली की छुट्टियाँ लेकर आता है | घर , …

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Sunset in pauri

पौढ़ी में कभी दोपहर नहीं होती है … एक खूबसूरत शाम होती है

पौढ़ी में कभी दोपहर नहीं होती है ,सुबह होती है, दिन चढ़ता है और सीधे शाम होती है |  दोपहर के समय ही पौढ़ी की धूप , पौढ़ी को अलविदा कहकर , सामने के पहाड़ की …

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gagari

“जून का महीना और गाँव का पंदेरा “

जब  भी  जून के महीने का नाम कहीं सुनाई देता है , तो  क्या सामने आता है ? भीषण गर्मी और गर्मियों की छुट्टियाँ ! जून का महीना फिर करीब आ रहा है, गर्मी और …

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मेरा कमरा , मेरा गुरुर

मेरा 10 बाई 10 का हवादार कमरा

आज तुम्हे एक बात बता रहा हूँ। इससे पहले भी कई बार ये राज की बात मैं तुमसे कहना चाहता था , लेकिन कभी कह न पाया । तुम सबसे कहती फ़िरती हो कि तुम …

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