पौढ़ी शहर का एक दिन …
पौड़ी जिसकी ख़ूबसूरती के बारे आज हर कोई जानता है, वह भी कभी एक गाँव था, जो पौड़ी खाल के नाम से जाना जाता था | यहाँ की भौगोलिक सुन्दरता , मौसम और ठंडी जलवायु …
पौड़ी जिसकी ख़ूबसूरती के बारे आज हर कोई जानता है, वह भी कभी एक गाँव था, जो पौड़ी खाल के नाम से जाना जाता था | यहाँ की भौगोलिक सुन्दरता , मौसम और ठंडी जलवायु …
हम सभी अपनी मातृभूमि से प्यार करते हैं और प्रकृति की गोद में जन्म लेने पर गर्व करते हैं | एक समय था जब हमें , पहाड़ी कहकर चिढाया जाता था , हमें तुच्छ समझा …
Read moreपहाड़ के लोकजीवन की गाथा सुनाने वाली एक किताब : मेरी यादों का पहाड़
एक उम्र या एक समय हर किसी के जीवन में ऐसा जरूर आता है , जब शामें उदास रहने लगती हैं , बिना सोचे भूख नहीं लगती है , हंसी तो आती है लेकिन हँसना-मुस्कुराना …
क्या आपने कभी भी, कहीं भी अपने आप को दूसरों के मुकाबले कमज़ोर और हीन पाया है ? कभी स्कूल-कॉलेज में तेज तर्रार छात्रों को देखकर , अपने आप के प्रति निराशा हुई हो | …
आज तुम्हे एक बात बता रहा हूँ। इससे पहले भी कई बार ये राज की बात मैं तुमसे कहना चाहता था , लेकिन कभी कह न पाया । तुम सबसे कहती फ़िरती हो कि तुम …
भारत के जाने माने बेस्टसेलिंग लेखक चेतन भगत की नई किताब 400 डेज बाजार में आ चुकी है | पहले ही दिन यह किताब अमेजन पर बेस्टसेलिंग कैटेगरी में आ गयी थी | चेतन भगत …
Read more400 Days Chetan Bhagat’s brand new bestselling book Hindi review
मैं गाँव बोल रहा हूँ | क्यों ! आप लोग मुझे जानते तो होगे ना | मैं क्यों बोल रहा हूँ , कैसे बोल रहा हूँ ? इस समय ये सवाल करना बेफिजूल है | …
Read more“मैं गाँव बोल रहा हूँ, मुझे जानते तो हो न !” : हिंदी लेख